ट्रांसपोर्ट हिसाब-किताब ऐप और पार्टी बकाया लेजर सॉफ्टवेयर
Bilty भारतीय ट्रांसपोर्टरों और फ्रेट ब्रोकरों के लिए विशेष रूप से निर्मित डिजिटल खाता ऐप है, जो पार्टियों की कुल बकाया उधारी (Opening Balance + Bills - Receipts - TDS), 0 से 90+ दिन की एजिंग रिपोर्ट, अन-एलोकेटेड एडवांस और 1-क्लिक WhatsApp लेजर स्टेटमेंट को वास्तविक समय में ट्रैक करता है।
पार्टी लेजर व एजिंग की मुख्य विशेषताएं (Fact Table)
| लेजर पैरामीटर | गणना का सूत्र / नियम | व्यापारिक महत्व |
|---|---|---|
| क्लोजिंग बैलेंस | Opening + Billed Freight − Cleared Receipts − 194C TDS | पार्टी लिस्ट और लेजर में 100% एक जैसा बैलेंस |
| 0–90+ दिन एजिंग | Current (0-30d), Alert (31-60d), Overdue (61-90d), Critical (90d+) | अटकी हुई उधारी की तुरंत पहचान और रिकवरी |
| TDS 194C क्रेडिट | 1% (Individual/HUF) or 2% (Company) tracked per payment | CA और टैक्स ऑडिट के लिए 26AS मिलान आसान |
| अन-एलोकेटेड एडवांस | Excess payments held on account until next invoice | पार्टी द्वारा दिए गए एडवांस का सही हिसाब |
पार्टी का हिसाब-किताब कैसे संभालें? (How-To Steps)
1. पार्टी का खाता खोलें
पार्टी सूची से किसी भी कंसाइनर या कंसाइनी का खाता चुनें।
2. इनवॉइस और पेमेंट देखें
सिस्टम सभी जारी किए गए फ्रेट बिल और प्राप्त भुगतानों का सीधा मिलान दिखाता है।
3. नया भुगतान या TDS दर्ज करें
रुपये, पेमेंट मोड और काटे गए TDS की राशि दर्ज करें। इनवॉइस स्वतः क्लोज हो जाता है।
4. WhatsApp स्टेटमेंट शेयर करें
साफ-सुथरा स्टेटमेंट PDF डाउनलोड करें और पार्टी को भुगतान याद दिलाने के लिए भेजें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
ट्रांसपोर्ट लेजर में TDS 194C की एंट्री कैसे होती है?↓
जब कोई कॉर्पोरेट पार्टी फ्रेट पेमेंट करते समय 1% या 2% TDS काटती है, तो Bilty में पेमेंट एंट्री के समय "TDS Amount" दर्ज किया जाता है। सिस्टम इनवॉइस को पूर्ण रूप से चुकता मानते हुए पार्टी के TDS लेजर में अलग से रिकॉर्ड करता है।
क्या पार्टी को बकाया स्टेटमेंट (Khata Statement) WhatsApp पर भेजा जा सकता है?↓
हाँ, Bilty से किसी भी पार्टी का दिनांक-अनुसार पूरा खाता स्टेटमेंट (ओपनिंग बैलेंस + इनवॉइस - पेमेंट - टीडीएस = क्लोजिंग बैलेंस) 1-क्लिक में PDF बनाकर WhatsApp या ईमेल पर सीधे भेजा जा सकता है।
पेंडिंग चेक (Uncleared Cheque) और क्लियर पेमेंट में क्या अंतर रखा जाता है?↓
चेक जमा करने पर वह पेंडिंग के रूप में रहता है जिससे इनवॉइस पर दोहरा आवंटन नहीं होता। बैंक में चेक क्लियर होने के बाद ही लेजर का क्लोजिंग बैलेंस घटता है, जिससे बाउंस होने पर हिसाब गलत नहीं होता।
एजिंग बकेट्स (Ageing Buckets: 0-30, 31-60, 61-90, 90+ दिन) से क्या फायदा होता है?↓
एजिंग बकेट्स आपको तुरंत दिखाते हैं कि किस पार्टी का कितना पैसा कितने दिनों से अटका हुआ है। इससे आप उन पार्टियों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जिनका भुगतान 60 या 90 दिनों से अधिक पुराना है।