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जीटीए पर जीएसटी दरें: 5% आरसीएम बनाम 12% फॉरवर्ड चार्ज

मुख्य निष्कर्ष (Executive Summary)

भारतीय जीएसटी कानून के तहत GTA के पास दो विकल्प हैं: बिना ITC के 5% आरसीएम (जहाँ ग्राहक टैक्स भरता है), या 12% फॉरवर्ड चार्ज (जहाँ ट्रांसपोर्टर बिल पर टैक्स वसूल कर सरकार को जमा करता है और नियमित जीएसटी नियमों के तहत केवल पात्र इनपुट व इनपुट सेवाओं पर ITC ले सकता है)।

1. 5% जीएसटी विकल्प (रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म)

अधिकांश ट्रांसपोर्टर 5% आरसीएम चुनते हैं। इसमें ट्रांसपोर्टर अपनी खरीद (ट्रक, टायर, सेवाएँ) पर ITC नहीं लेता, और टैक्स का भुगतान सेवा लेने वाली कंपनी सीधे सरकार को करती है। डीजल और पेट्रोलियम उत्पाद GST से बाहर हैं, इसलिए किसी भी विकल्प में ईंधन पर ITC नहीं मिलता।

2. 12% फॉरवर्ड चार्ज विकल्प

यदि ट्रांसपोर्टर वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले जीएसटी पोर्टल पर एनेक्सचर V भरता है, तो वह 12% फॉरवर्ड चार्ज चुन सकता है और नियमित जीएसटी नियमों के तहत केवल पात्र इनपुट व इनपुट सेवाओं (जैसे ट्रक, टायर, मरम्मत और सेवाओं) पर ITC ले सकता है। डीजल GST से बाहर है, इसलिए उस पर ITC नहीं मिलता।

5% आरसीएम बनाम 12% फॉरवर्ड चार्ज तुलना

पैरामीटर5% विकल्प12% विकल्प
टैक्स कौन भरता है?सेवा प्राप्तकर्ता (पार्टी/कंसाइनर)ट्रांसपोर्टर (GTA) चालान के माध्यम से
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)ट्रांसपोर्टर को नहीं मिलतापात्र ट्रक, टायर और सेवाओं पर ITC (डीजल पर नहीं)
इनवॉइस पर डिक्लेरेशनअनिवार्य: "Tax payable under RCM"एनेक्सचर V का डिक्लेरेशन अनिवार्य
किसके लिए उपयुक्त?ब्रोकर और कमीशन एजेंटस्वयं की नई गाड़ियाँ खरीदने वाले फ्लीट मालिक
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या वित्तीय वर्ष के बीच में विकल्प बदला जा सकता है?

नहीं, एक बार चुना गया विकल्प पूरे वित्तीय वर्ष के लिए अनिवार्य रहता है।

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