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ट्रांसपोर्टरों के लिए धारा 194C टीडीएस: दरें, छूट और 10-ट्रक डिक्लेरेशन

मुख्य निष्कर्ष (Executive Summary)

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 194C के तहत, जब कोई कंपनी किसी ट्रांसपोर्टर को भाड़ा देती है तो ₹30,000 से अधिक के भुगतान पर 1% (व्यक्तिगत/प्रोपराइटर) या 2% (कंपनी) टीडीएस काटना होता है। 10 या उससे कम ट्रकों वाले छोटे ट्रांसपोर्टर डिक्लेरेशन देकर 0% टीडीएस की छूट ले सकते हैं।

1. धारा 194C के तहत लागू टीडीएस दरें

• ट्रांसपोर्टर व्यक्तिगत / प्रोपराइटरशिप / HUF है: 1% TDS। • ट्रांसपोर्टर कंपनी / पार्टनरशिप / LLP है: 2% TDS। • ट्रांसपोर्टर पैन कार्ड उपलब्ध नहीं कराता: धारा 206AA के तहत 20% भारी TDS।

2. 10-ट्रक छूट डिक्लेरेशन (धारा 194C(6))

यदि किसी ट्रांसपोर्टर के पास वित्तीय वर्ष के दौरान 10 या उससे कम मालवाहक गाड़ियाँ हैं, तो वह अपने लेटरहेड पर हस्ताक्षरित घोषणा पत्र और पैन कार्ड देकर पूरे 100% भुगतान की छूट ले सकता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

ट्रांसपोर्टर काटा गया TDS कैसे वापस पा सकता है?

इनकम टैक्स पोर्टल पर फॉर्म 26AS से मिलान करके वार्षिक आयकर रिटर्न (ITR) भरते समय इसका रिफंड या क्रेडिट लिया जा सकता है।

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